मऊ में जांच के लिए भेजे गए जमात के 15 सदस्यों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। दूसरी तरफ जमात के एक संदिग्ध युवक के मऊ में होने की सूचना मिलने पर डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने उसे ढूंढकर उसकी जांच कराने का आदेश पुलिस के साथ प्रशासन के अधिकारियों को दिया।
क्वारंटीन किए गए नौ अन्य लोगों का सैंपल शनिवार को जांच के लिए भेजा गया। इस तरह से जिले में अब तक 26 लोगों के सैंपल लेकर उसकी जांच कराई गई है। इसमें से 17 रिपोर्ट नेगेटिव रही। नौ की रिपोर्ट रविवार की देर शाम तक आने की संभावना है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी जिला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को भी अलर्ट नजर आई।
बीते रविवार को अभियान चलाकर जिला प्रशासन ने आठ जमात के 117 लोगों को पकड़कर उन्हें क्वारंटीन किया, लेकिन बाद में पता चला कि पकड़े गए लोगों में 114 लोग जमात से संबंधित हैं। इसमें क्वारंटीन किए गए जमात के उन 15 सदस्यों की जांच कराई गई। जो बीते नौ मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में भाग लिए थे। शुक्रवार को भेजे गए नमूने की रिपोर्ट शनिवार को जांच के बाद निगेटिव आई।
इस बीच बाहर से आये क्वारंटीन किए गए नौ लोगों का सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने लेकर टेस्ट के लिए बीएचयू भेजा। इनकी रिपोर्ट रविवार की देर शाम को आने की संभावना है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एससी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भेजे गए 15 सैंपल की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके अलावा नौ की रिपोर्ट रविवार की शाम तक आ जाएगी। दूसरी तरफ जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को सूचना मिली कि आजमगढ़ जिले में जांच के दौरान पॉजिटिव मिले तीन जमातियों के साथ रहने वाला एक युवक मुबारकपुर से भागकर मऊ जिला मुख्यालय स्थित औरंगाबाद मुहल्ले में अपने जीजा के घर आकर छिपा है।
युवक सलीम मूलरूप से बलिया जिले के रसड़ा का निवासी है, जबकि औरंगाबाद में उसके जीजा परवेज का घर है। सूचना के अनुसार युवक संदिग्ध है। साथ ही आजमगढ़ में भर्ती पॉजिटिव जमातियों के साथ रहा है। इस सूचना पर डीएम काफी सख्त हुए। उन्होंने सख्त लहजे में पुलिस के साथ प्रशासन के अधिकारियों को आदेश दिया कि वो तत्काल सलीम को ढूंढकर उसकी जांच कराएं। डीएम के आदेश पर संदिग्ध की तलाश में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जुटे हुए हैं।