चौक पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपनी भांजी का पिछले एक साल से शारीरिक शोषण कर रहा था। सात माह पूर्व भांजी गर्भवती हुई तो लोक लाज के भय से गर्भपात की दवा दी। रात के समय नवजात को पियरी पुलिस चौकी के पीछे गली में फेंका।
वहीं, युवती की मां और बाप ने लोक लाज के डर से मुकदमा दर्ज कराने से इनकार कर दिया। एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी ने शिशु को जीवित पैदा होने से रोका, इसलिए पुलिस की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी मामा को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में उसे पेश किया जाएगा।