उभ्भा गांव में जमीन विवाद में 10 लोगों की हत्या मामले की जांच में लगातार नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार की अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय टीम की जांच में पता चला कि उपनिबंधक सहकारी समिति कार्यालय वाराणसी ने आदर्श सहकारी कृषि समिति उभ्भा-सपही का पंजीकरण बिना पर्याप्त कागजात प्राप्त किए ही कर दिया था।
अपर मुख्य सचिव राजस्व के नेतृत्व में टीम ने जिले में आकर पत्रावलियों की जांच की तो पता चला कि आदर्श कृषि सहकारी समिति उभ्भा/सपही के सदस्यों ने कोआपरेटिव सोसायटी में 10 अक्तूबर 1952 को पंजीकरण कराया था।
इसका पंजीकरण संख्या 1021 है। समिति ने दुबारा 11 जून 1970 को संशोधित उप विधि स्वीकृत कराते हुए उपनिबंधक सहकारी समिति कार्यालय वाराणसी से रजिस्ट्रेशन संख्या 1021 प्राप्त किया।
रजिस्ट्रेशन के समय अनिवार्य रूप से दिया जाने वाला भूमि से संबंधित शासकीय अभिलेख तथा खसरा खतौनी प्रस्तुत नहीं किया गया। बल्कि हस्तलिखित रूप में नंबर और रकबा अंकित करते हुए जमीनों की सूची दी गई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट सीएम को उपलब्ध करा दी है।