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महकमा बेपरवाह ‘कोमा’ में एंबुलेंस

Tue, 09 Aug 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार भले ही बड़ी धनराशि खर्च कर रही हो लेकिन हालात चौंकाने वाले हैं। जरूरतमंदों को अस्पताल ले आने और वहां से घर ले जाने के लिए संचालित साधारण एंबुलेंस सेवा अरसे से ‘कोमा’ में है। रखरखाव न होने और जिम्मेदारों की बेपरवाही से अधिकतर एंबुलेंस खटारा हो चुकी हैं या होने कगार पर हैं। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को छोड़ दिया जाए तो सरकारी अस्पतालों की एंबुलेंस का लाभ मरीजों को नाममात्र का ही मिल पा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने सड़क दुघर्टनाओं में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 और गर्भवती महिलाओं के लिए 102 सेवा की शुरूआत तो की है लेकिन इनके अलावा जो एंबुलेंस हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया रहा है।  शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, महिला अस्पताल, लालबहादुर शास्त्री जिला अस्पताल रामनगर समेत जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर एंबुलेंस है लेकिन रख-रखाव के अभाव में उसकी दशा बिगड़ती जा रही है। बता दें कि 108 और 102 एंबुलेंस की सेवा बस निर्धारित काम के लिए ही ली जा सकती है और आम मरीजों के लिए साधारण एंबुलेंस की जरूरत है।


सोनिया गांधी के रोड शो के दौरान तबीयत खराब होने और इलाज में लापरवाही संबंधी सवाल पर वाराणसी आए परिवार कल्याण राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि इस बारे में सोनिया गांधी की ओर से शिकायत नहीं की गई है। अगर शिकायत करेंगी तो जांच कराई जाएगी। बताया कि वाराणसी में वीआईपी आगमन के मद्देनजर शासन जल्द ही एडवांस लाइफ सेविंग सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।
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अस्पतालों में खड़ी एंबुलेंस में किसी की सीट फटी है तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स और इमरजेंसी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण नहीं हैं। कई गाड़ियों पर एंबुलेंस लिखा हुआ है, जिसे पढ़ा नहीं जा सकता। मंडलीय अस्पताल की दो एंबुलेंस में से एक वीवीआईपी की फ्लीट में रहती है। दूसरी खराब है। जिला क्षय रोग केंद्र के पास एक एंबुलेंस का पहिया पंचर है। बर्न वार्ड के पास भी दो एंबुलेंस खस्ताहाल हैं। रामनगर अस्पताल की दो एंबुलेंस में से एक त्योहारों, वीआईपी दौरे में भेजी जीती है तो दूसरी खराब है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन की खराब एंबुलेंस समेत दो एंबुलेंस लंबे समय से सीएमओ दफ्तर में खड़ी है।
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