जून महीने में समय से पहले मानसून के आने के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश हुई, लेकिन अब जब महीना बीतने को है तब भी औसत की आधी बारिश भी अब तक नहीं हो पाई है। मौसम विभाग की ओर से बनाए गए मानक के अनुसार जुलाई महीने में 299 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए लेकिन अब तक इस महीने केवल 120 से 130 मिलीमीटर बारिश ही हो सकी है।
जून में औसत 114 मिलीमीटर के मुकाबले 250 से अधिक मिलीमीटर बारिश हुई। इसके साथ ही पिछले साल की बारिश का रिकार्ड भी टूट गया था। पिछले सप्ताह तेज धूप, उमस के बाद इस सप्ताह पिछले तीन दिन से रुक रुककर बारिश होते रहने की वजह से मौसम खुशनुमा हो गया है। इधर तापमान में भी कमी आती जा रही है। बृहस्पतिवार को भी सुबह बूंदाबांदी होने के बाद दिन में भी नम हवाओं के चलते रहने के साथ ही बादलों की आवाजाही जारी रही। इस वजह से दिन में धूप होने के बाद भी उसका असर कम रहा। दोपहर बाद नम हवाओं के चलते रहने से लोगों को उमस से राहत जरूर हुई। मौसम में बदलाव की वजह से ही तापमान में कमी आती जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस की जगह बृहस्पतिवार को 31 डिगी सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 23.7 से बढ़कर 24.6 पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि अभी दो तीन दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है।