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सपना हुआ साकार, उम्मीदों को लगे पंख

Wed, 21 Sep 2016 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदाें, प्रमुख उद्यमियों, गण्यमान्य नागरिकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत आखिरकार रंग लाई और बनारस स्मार्ट सिटी योजना के दूसरे चरण में अपना नाम दर्ज कराने में सफल हो गया। दूसरे चरण में चुने गए देश के कुल 27 शहरों में यूपी के तीन शहर वाराणसी, कानपुर और आगरा शामिल हैं। पहले चरण में 20 शहर चुने गए थे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में बिजली, पानी, सड़क, सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही चिकित्सा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम अपग्रेड होगा। पटरी के दूकानदारों के लिए अलग से वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। कूड़ा प्रबंधन का विशेष इंतजाम होगा। बनारस को कुछ इस तरह से बदला जाएगा कि आधुनिकता के बाद भी उसकी पारंपरिक खूबसूरती बरकरार रहे।
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काशी को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल कराने की सरकारी मशीनरी और शहरवासियों की मुहिम आखिरकार रंग लाई है। स्वच्छता के मानक पर खरा न उतर पाने की वजह से बनारस पहले चरण में स्मार्ट सिटी योजना की होड़ से बाहर हो गया था। पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासनिक मशीनरी ने अच्छी तैयारी की। हजारों लोगों को संगोष्ठियों के जरिए इस योजना की जानकारी दी। 17 लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव भेजे। ये सुझाव नगर निगम को फेसबुक, ट्विटर और वेबसाइट के अलावा ऑफलाइन भी मिले। नगर निगम ने 15 अप्रैल से नागरिकों से स्मार्ट सिटी योजना के बाबत सुझाव मांगे थे। 25 जून तक सुझाव आमंत्रित किए गए। 30 जून को तैयार प्रस्ताव और आए सुझावों को प्रदेश सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजा गया। मालूम हो कि स्मार्ट सिटी में 2520 करोड़ रुपये का विजन प्लान तैयार किया गया है।


स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने से बनारस में प्रस्तावित केंद्र सरकार की योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जग गई है। शहर को बिजली के जर्जर तारों से मुक्ति दिलाने के लिए आईपीडीएस के तहत करोड़ों रुपये के काम हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी योजना में बिजली सुधार के लिए भी प्रावधान किया गया है। ऐसे में आईपीडीएस के काम को गति मिलने की उम्मीद जगी है। इसी तरह नमामि गंगे, सुगम्य भारत अभियान, कल्चर सेंटर, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर आदि केंद्र सरकार की योजनाओं के काम में तेजी आएगी। यह सब तीन साल के अंदर होगा।
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स्मार्ट सिटी शामिल होने वाली योजनाओं में अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे, ह्दय, घाटों की मरम्मत, संगीत विद्यालयों का विकास, सुगम्य भारत अभियान, प्रसाद, मुद्रा लोन योजना, आईपीडीएस, इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, जायका, कल्चर सेंटर व ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर आदि शामिल हैं। निगम में चल रही योजनाओं का समन्वय स्मार्ट सिटी के साथ कर दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी में 2520 करोड़ का विजन प्लान है। स्मार्ट सिटी प्रस्ताव की कार्ययोजना की अनुमानित लागत तकरीबन 2221.29 करोड़ बताई जा रही है।
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