वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन सहित कई मांगों के समर्थन में मंगलवार को सरकारी अस्पतालों के फार्मासिस्ट, नर्स सहित सभी पैरामेडिकल स्टाफ हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। नए मरीज भर्ती नहीं किए गए। मरीजों को दवाएं नहीं दी गईं। उधर दीनदयाल अस्पताल में वार्ड में भर्ती न करने से एक मरीज की मौत हो गई।
लोहता थाना क्षेत्र के मरेठवां निवासी सच्चे लाल (45) सांस की बीमारी से पीड़ित था। घरवाले उसे लेकर दीनदयाल ट्रामा सेंटर गए। वहां कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से उसे शिफ्ट नहीं किया गया। घरवाले पुन: उसे ट्रामा सेंटर ले जा रहे थे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में सीएमओ वीबी सिंह ने कहा कि मामले में सीएमएस से जानकारी ली जाएगी। उधर दीनदयाल मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल कबीरचौरा, रामनगर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट, नर्सों ने कामकाज ठप रखा।
रामनगर संवाददाता के अनुसार लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के नर्सों, फार्मासिस्टों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान सीएमएस डॉ. यूएस कौशिक ने वार्ड ब्वॉय से कमरे का ताला तोड़वाकर मरीजों को दवाइयां बटवाई। मंडलीय अस्पताल प्रमुख अधीक्षक कार्यालय के बाहर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जेके सिंह के नेतृत्व में फार्मासिस्टों ने धरना दिया। इस दौरान मंत्री डॉ. अभिजय श्रीवास्तव, जेएस उपाध्याय, एसके सिंह, अरविंद सिंह, भानू प्रकाश सहित कई लोग मौजूद रहे। राजकीय नर्सेज संघ की जिलाध्यक्ष सती शर्मा के नेतृत्व में हड़ताल पर रहीं नर्सों ने भी आवाज बुलंद की।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चिरईगांव में फार्मासिस्टों और नर्सों की हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवा ठप रही। सीएचसी, नरपतपुर में भी यही हाल रहा। उधर, पशु चिकित्सालय के चिकित्सक, फार्मासिस्ट और पशुधन प्रसार अधिकारी भी 15 सितंबर से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा।