यूपी के सोनभद्र में रामलीला में श्रीराम-सीता के विवाह का मंचन किया गया। इसमें एक जोड़े को राम और सीता का प्रतीक मानकर हकीकत की शादी हुई। यहां ममता ने सीता और ज्ञानचंद्र ने श्रीराम का रूप धारण किया। दोनों एक दूसरे को वर माला डालकर विवाह बंधन में बध गए।
चुर्क-गुर्मा नगर पंचायत के गुर्मा कॉलोनी में श्रीराम लीला समिति के तत्वाधान में राम विवाह के मौके पर सीता के रूप मे आदिवासी निर्धन कन्या ममता पुत्री संत कुमार निवासी ग्राम पंचायत रूदौली थाना चोपन और श्रीराम के रूप में ज्ञानचंद्र पुत्र दीनानाथ निवासी ग्राम रजखड़ थाना दुद्धी का विवाह हुआ।
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इस ऐतिहासिक विवाह के साक्षी सदर ब्लॉक प्रमुख अशोक कुमार पटेल, गुरमा रामलीला कमेटी के संस्थापक व संरक्षक रामश्रय भारती, सपा के जिलाध्यक्ष विजय यादव बने। श्रीराम की के वेशभूषा में ज्ञानचंद्र बैंडबाजे के साथ रामलीला के मंचन पर पहुंचे।
बारात पक्ष का ऐसे हुआ स्वागत
यहां नगर के लोगों ने बारात पक्ष का फूलमाला से स्वागत किया। मंच पर पहुंचने पर सीता के वेशभूषा में सजी ममता को जयमाल गले मे डालकर वे असल जिंदगी में राम-सीता बन गए। उसके बाद हिंदू धर्म के अनुसार पंडित ने वैदिक मंत्रोचार कर विवाह संपन्न कराया।
आशीर्वाद के रूप में लोगों ने गरीब कन्या को एक बेड, एक साइकिल, अगूंठी, चैन, पायल, बर्तन, नकदी धन देकर लंबी उम्र के साथ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष तेजधारी यादव, संयोजक गौतम यादव, कोषाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।