पुलिस की पूछताछ में अनिल और मुनील ने बताया कि उनका भाई सुनील एक बेहतरीन पावरलूम मैकेनिक के तौर पर पूरे लोहता क्षेत्र में प्रसिद्ध था। सुनील उन दोनों से ज्यादा पैसा कमाता था। उनकी अपनी पावरलूम मशीन में सुनील के ज्यादा निवेश के कारण उसकी हिस्सेदारी ज्यादा थी। पिता भी दोनों भाइयों की अपेक्षा सुनील को कुछ ज्यादा ही मानते थे। सुनील जो कमाता था, उसे अपने दोनों भाइयों पर न खर्च कर ससुराल के लोगों पर कुछ ज्यादा ही ध्यान देता था। इसी वजह से वह दोनों सुनील से खार खाए थे और उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
अनिल और मुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि दो मार्च की रात सुनील की हत्या करने से पहले तय योजना के अनुसार वह दोनों सुबह ही सुनील को साथ लेकर घर से निकले थे। तीनों एक ही बाइक से शिवपुर गए। वहां तीनों ने एकसाथ शराब पी और गोश्त खाया। फिर, तीनों घर आए थे। थोड़ी देर बाद फिर तीनों साथ ही निकले और शराब पी।
इसके बाद बाइक से तीनों कोरौता, दाउदपुर, गंगापुर और रोहनिया होते हुए खुलासपुर गांव स्थित नहर पहुंचे। नहर पर अनिल ने सुनील को पकड़ लिया और मुनील ने उसका गला रेत दिया। हत्या करने के बाद मुनील चाकू और सुनील का मोबाइल अपने पास रख लिया था। इसके बाद अनिल और मुनील बाइक से घाटमपुर, परमानंदपुर और कोरौता होते हुए भरथरा स्थित अपने घर चले गए थे।