बुंदेलखंड में बड़े नेताओं का एक-दूसरे पर सियासी हमलों का सिलसिला मंगलवार को थम चुका है। नेताओं की अब पूर्वांचल में आने की बारी है। नेता जल्दी ही ताबड़तोड़ दौरे और चुनावी सभाएं शुरू करने वाले हैं।
बड़े नेता अपने-अपने दलों के लिए वोट बढ़ाएंगे ही नहीं, पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में हासिल मतों में सेंधमारी रोकना भी उनका मकसद होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं की जनसभाओं के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भाजपा के लिए माहौल बनाना शुरू कर दिया है। बसपा में दूसरी कतार के नेता सतीश चंद्र मिश्र भी पूर्वांचल की खाक छान रहे हैं।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कार्यक्रम तय हो चुकी है। वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। हालांकि पार्टी के प्रचार के लिए पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव से लेकर सांसद डिंपल यादव और फायर ब्रांड आजम खान और अहमद हसन के कार्यक्रमों को 25 तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। दूसरी ओर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अभी तक वाराणसी में रोड शो और सभा का कार्यक्रम ही फाइनल हो सका है।
प्रियंका गांधी के आगमन पर उहापोह
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प्रियंका गांधी के चुनिंदा क्षेत्रों में प्रचार के कार्यक्रम के बारे में कांग्रेस नेता भी अंजान हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने अब तक कांग्रेस के केवल एक प्रत्याशी के समर्थन में सभा की है।
पूर्वांचल में पांचवे, छठवें और सातवें चरण में मतदान होना है। आजमगढ़ मंडल में मतदान 4 मार्च को होना है, वहीं वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की 40 सीटों पर सबसे आखिरी चरण में 8 मार्च को वोट डाले जाएंगे।
मुख्यत: पूर्वांचल माने जाने वाले गोरखपुर और बस्ती मंडल को मिला कर पूरे इलाके में करीब सवा सौ सीटें हैं।
राजनीतिक परिपक्वता से लैस पूर्वांचल का महत्व इस से जाहिर हैं कि राहुल गांधी ने अपने रोड शो, खाट सभा और दिल्ली यात्रा देवरिया से शुरू की थी।
भाजपा ने की परिवर्तन यात्रा के साथ शुरुआत
भाजपा ने परिवर्तन यात्रा के दो बिंदुओं में सोनभद्र और बलिया को स्थान दिया। इनकी शुरूआत के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह खुद आए थे।
पीएम मोदी ने 14 नवंबर, 16 को गाजीपुर में चुनावी शंखनाद के लिए गाजीपुर को चुना। सपा में पारिवारिक कलह के बावजूद मुलायम सिंह यादव ने भी गाजीपुर में जनसभा की।
हालांकि सपा की कमान पूरी तरह से अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद मुलायम सिंह यादव के अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में प्रचार के लिए आने के संकेत फिलहाल नहीं हैं।