कृषि आधारित अर्थव्यवस्था चारों तरफ सुख समृद्धि व हरियाली के साथ प्रकृति के संवर्धन व संरक्षण आधारित प्रकृतिवादी जीवन शैली थी। सुख समृद्धि होने के कारण ही रावण की लंका को सोने की लंका कहा जाता था। कार्यक्रम की अध्यक्षता तारकेश्वर गोंड़ तथा संचालन विजय शंकर गोंड ने किया।
अरविंद कुमार ने विश्वविद्यालयों में रावण संहिता पढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रावण एक महान विद्वान होने के साथ ही वैज्ञानिक और दार्शनिक थे, इसलिए उन पर शोध होना चाहिए।