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Rathyatra Mela: काशी में भगवान जगन्नाथ ने भक्तों को दिए दर्शन, आज डोली से करेंगे नगर भ्रमण; सुरक्षा दुरुस्त

Thu, 26 Jun 2025 05:28 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Rathyatra Mela 2025: आज यानी गुरुवार को डोली यात्रा निकाली जाएगी और शुक्रवार से मेला शुरू हो जाएगा। तीन दिनों तक भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र की पांच पहर की आरती होगी। मेला क्षेत्र में दर्शनार्थियों को सुगम एवं आसानी से दर्शन-पूजन कराने की व्यवस्था की गई है।
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काशी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मेले की शुरुआत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ ने बुधवार को 15 दिनों बाद सफेद वस्त्र में भक्तों को दर्शन दिए। सुबह से रात तक दर्शन-पूजन के लिए भीड़ लगी रही। प्रभु को परवल के जून और उससे बने व्यंजनों का भोग लगा। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा डोली पर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। वहीं, गुरुवार से तीन दिवसीय रथयात्रा मेले के साथ बनारस में लक्खा मेले की शुरुआत हो जाएगी।

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15 दिनों के एकांतवास के बाद अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए। भक्तों ने उनका दर्शन पूजन किया। प्रधान पुजारी राधे श्याम पांडेय ने सुबह भगवान का सफेद वस्त्र, सफेद फूलों से शृंगार किया। पंचामृत का भोग लगाकर आरती उतारी। उनकी शृंगारित झांकी के दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। दर्शन के लिए रात तक भक्तों के आने का सिलसिला चलता रहा। बृहस्पतिवार को शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ डोली में बैठकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

विभिन्न मुहल्लों से होकर रथयात्रा स्थित बेनीरामबाग में पहुंचेंगे, जहां आरती और पूजा होगी। 27 जून को सूर्योदय के समय 5:10 बजे मंगला आरती होगी। इसके साथ ही मेला शुरू हो जाएगा। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ के न्यासी अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह और सचिव शैलेश त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि मेले की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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30 जून तक रहेगा रूट डायवर्जन। - फोटो : अमर उजाला
आज रथयात्रा चौराहे पर पहुंचेगा रथ
रथयात्रा मेला 27 से शुरू होगा। मगर, 162 साल पुराना रथ गुरुवार को सिगरा रथशाला से सुसज्जित होकर रथयात्रा-महमूरगंज मार्ग के पास खड़ा हो जाएगा। 27 को भोर में भगवान जगन्नाथ रथारूढ़ हो जाएंगे। भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा जगन्नाथ मंदिर से शाम को निकलेगी।

डोली यात्रा मंदिर से निकलकर अस्सी चौराहा, पद्मश्री चौराहा, दुर्गाकुंड होते हुए नबाबगंज, पंचायती चौतरा, राम मंदिर, खोजवा पुस्तकालय, खोजवां बाजार, द्वारिकाधीष मंदिर पहुंचेगी, जहां पर महंत आरती करेंगे। फिर यात्रा विनायका, बैजनत्था मंदिर होते हुए रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेगी।

वाराणसी में रथयात्रा मेले की तैयारियां पूर्ण। - फोटो : अमर उजाला
भजन कीर्तन, प्रवचन के साथ शुरू हुआ जगन्नाथ महोत्सव
इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड में बुधवार को तीन दिवसीय जगन्नाथ महोत्सव शुरू हुआ। भक्तों की टोली ने भजन कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मंदिर के अध्यक्ष अच्युत मोहन दास और बसुश्रेष्ठ प्रभु ने प्रवचन में कहा कि कलयुग में भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से सभी पाप कट जाते हैं। उनके दर्शन एक असाधारण आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। जो आस्था के साथ रथ खींचते हैं, वह पुनर्जन्म के चक्र से पार हो जाते हैं।

श्रद्धालुओं ने हरेकृष्ण महामंत्र हरिनाम संकीर्तन किया। प्रसाद का वितरण हुआ। इस मौके पर साक्षी मुरारी, रसिक गोविंद, मुरारी गुप्त दास, राम केशव आदि रहे। बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे इस्कॉन मंदिर से अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। 
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भजन कीर्तन, प्रवचन के साथ शुरू हुआ जगन्नाथ महोत्सव

इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड में बुधवार को तीन दिवसीय जगन्नाथ महोत्सव शुरू हुआ। भक्तों की टोली ने भजन कीर्तन, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों पेश किया। मंदिर के अध्यक्ष अच्युत मोहन दास एवं बसुश्रेष्ठ प्रभु ने प्रवचन में कहा कि कलयुग में भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से सभी पाप कट जाते हैं।

उनका दर्शन एक असाधारण आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। जो आस्था के साथ रथ खींचते हैं, वह पुनर्जन्म के चक्र से पार हो जाते हैं। श्रद्धालुओं ने हरेकृष्ण महामंत्र हरिनाम संकीर्तन किया। प्रसाद का वितरण हुआ। इस मौके पर साक्षी मुरारी, रसिक गोविंद, मुरारी गुप्त दास, राम केशव आदि रहे। गुरुवार को दोपहर तीन बजे इस्कॉन मंदिर से अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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