राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के तहत रविवार को केएन उडुप्पा सभागार में बाल फिल्म महोत्सव की भी शुरुआत हुई। केंद्रीय विद्यालय बीएचयू के कक्षा सात व आठ के बच्चों को गट्टू और गारू बाल फिल्में दिखाई गईं। ‘गट्टू’ और ‘गारू’ फिल्मों के इन दोनों पात्रों ने फिल्मों के माध्यम से बच्चों को संदेश दिया गया अगर उनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो वो सफल जरूर होंगे। चिल्ड्रेन फिल्म सोसाइटी मुंबई की ओर से केएन उडुप्पा ऑडिटोरियम में 18 से 24 दिसंबर तक फिल्म बोनांजा आयोजित किया जा रहा है।
इसके तहत गट्टू, हैप्पी मदर्स डे, गोपी गवैया, बाघा बजैया, गौरू (दि जर्नी ऑफ करेज), कृश ट्रिश एंड बटलिबॉ-1 नोनो दि जिग जिग किड, काफल, पप्पू की पगडंडी आदि फिल्में होंगी। चिल्ड्रेन फिल्म सोसाइटी मुंबई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि फिल्म बोनांजा का आयोजन बीएचयू और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।
उधर, कला संकाय प्रेक्षागृह में कठपुतली का शो हुआ। कोलकाता के सुदीप गुप्ता की टीम ने यहां पुतुल नाच का आयोजन किया। वहीं चैतन्य मेहरा की टीम ने कठपुतली के माध्यम से उड़ीसा के परंपरागत रामकथा प्रस्तुत किया। 40 मिनट की राम सीता की कहानी को कठपुतली के रूप में देखकर दर्शकों ने खूब आनंद लिया। उधर डॉ. ज्ञान प्रकाश के संयोजन में मास कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट में फिल्म एक्टिंग की कार्यशाला चली।