फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: बनारस में बढ़ते तापमान और गिरते ओस का दुर्लभ गठजोड़, 500 मीटर दृश्यता

विज्ञापन
कोरहे से छाया अस्सी घाट । भैरव जायसवाल - फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक
विज्ञापन
वाराणसी। काशी में बढ़ते तापमान और ठंड जैसे गिरते ओस का दुर्लभ गठजोड़ बन गया है। मार्च महीने का पतझड़ कहीं भुला हुआ लगता है। रात भर गिरती ओस की बूंदें, सुबह में घनी धुंध, धूप निकलते ही बहती गर्म हवा, दोपहर की कड़ी धूप और शाम की उमस, ये सब एक ही दिन में झेलने को मिल रहा है। पिछले पांच दिनों से काशी का यही हाल बना हुआ है। बुधवार को धुंध के चलते जिले की दृश्यता 500 मीटर तक घट गई। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री ज्यादा 34.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को रात का पारा सामान्य से 7.3 डिग्री तक ऊपर रहा।
विज्ञापन

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पुरवा हवा में 90 फीसदी से ज्यादा नमी दर्ज की जा रही है। हालांकि 18 साल पहले भी बनारस में मार्च महीने में ऐसी धुंध देखी गई थी। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आसमान में एंटी साइक्लोनिक स्थिति और बिहार से मराठवाड़ा तक जा रही मौसम द्रोणी के चलते यह स्थिति बनी हुई है। अगले दो-तीन दिन में मौसम साफ होगा और 15 मार्च की बारिश के बाद स्थितियां सामान्य हो सकती हैं। मंगलवार को दिन और रात के बीच तापमान का अंतर 6 डिग्री था, जो बुधवार को 10–11 डिग्री तक बढ़ गया।


धूप से बचने के लिए विश्वनाथ धाम में लगे जर्मन हैंगर
बढ़ती गर्मी के चलते बाबा विश्वनाथ धाम में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। धाम में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए जर्मन हैंगर लगाया गया है। दर्शन के लिए कतार से गुजरने वाले भक्तों को कड़ी धूप का सामना नहीं करना पड़ेगा। गर्मी में भक्तों की कतार बढ़ने से पहले ही इसे लगाया गया है। यदि श्रद्धालुओं के साथ छोटे बच्चे या बुजुर्ग हों, तो उन्हें भी आराम से दर्शन करने में सुविधा होगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन को प्राथमिकता दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें