गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने बुधवार देर रात आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध होकर दुपट्टे का फंदा बना कर जान दे दी। पिता ने बुधवार देर शाम गांव के ही एक युवक पर बेटी को अगवा करने और उसके दोस्त पर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी ने किशोरी के पिता पर मारपीट का मामला दर्ज कराया है। पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
किशोरी के पिता ने बुधवार सुबह थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मेरी पुत्री 15 जून की रात दस बजे घर के सामने स्थित हैंडपंप से पानी भर रही थी। तभी पड़ोसी मनीष चौहान उसे तमंचे से आतंकित कर बाइक से उठा ले गया। गांव से एक किमी दूर गैस गोदाम के पास खड़े ट्रक में पहले से मौजूद मनीष के साथी धनंजय यादव ने किशोरी से दुष्कर्म किया। एक घंटे बाद किशोरी घर आई तो घटना के बारे में पता चला।
अगले दिन 16 जून को परिजन शिकायत करने पहुंचे तो मनीष के परिवार वालों ने उनसे मारपीट की। क्षेत्राधिकारी महमूद अली ने बताया कि दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। किशोरी के पिता की तहरीर पर मनीष और धनंजय यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
पिता का आरोप है कि आरोपियों के खुले में घूमने और पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध होकर बेटी ने खुदकुशी कर ली है। वहीं पुलिस का कहना है कि टीम पीड़िता के घर गई थी और परिवार के लोगों को उसका मेडिकल कराने को कहा था। अभी इसकी तैयारी चल रही थी कि किशोरी के आत्महत्या की सूचना थाने को मिली।