सोनभद्र जिले के एक गांव में पुलिस के दबाव में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के फांसी लगाए जाने के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट में मौत फांसी से नहीं गला घोंटकर किए जाने का जिक्र आया है।
सीओ सदर विवेकानंद तिवारी ने रिपोर्ट में गला घोंटने से हुई मौत की पुष्टि की है। उनके मुताबिक किशोरी की मौत में हैंगिग की रिपोर्ट नहीं आई है। उसका विसरा भी संरक्षित कर लिया गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने फांसी लगा कर जान दे दी। अब तक यह सामने आया है कि मामले में तत्कालीन एसओ किशोरी और उसके पिता पर मामले को दबाने का दबाव बना रहे थे।
शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में रखा गया। शनिवार को दो चिकित्सकों डॉ. एस के मंजूल और डॉ. संदीप के पैनल ने किशोरी के शव का पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई है।
सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्षेत्राधिकारी विवेकानंद तिवारी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत होना पाया गया है। इसके साथ ही मरने वाली किशोरी केे शरीर पर चोट के कई निशान मिलने की पुष्टि रिपोर्ट में हुई है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े विशेषज्ञ से इसके बारे में सलाह ली जाएगी। शव का विसरा संरक्षित किया गया है। आगे इस मामले में छानबीन के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी।