हर्बल गुलाल की सांकेतिक तस्वीर
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दोनों मथुरा के जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह से मिलकर रंगभरी एकादशी के से पहले गुलाल लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। गुलाल ईको फ्रेंडली है। त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। इसकी मदद से कैदियों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। दरअसल, मथुरा जिला कारागार में कौशल विकास मिशन के तहत कैदियों को प्रशिक्षण दिलाकर गुलाल तैयार कराया जा रहा है।
वृंदावन बांके बिहारी जी काशी में तैयार फेटा पगड़ी पहनकर फागुनोत्सव में भक्तों को दर्शन देंगे। काशी से पहली बार बांकेबिहारी को फागुन उत्सव पर पगड़ी भेजी गई है। श्री काशी विश्वनाथ की पगड़ी सजाने वाले परिवार ने इसे तैयार किया और रविवार को इसे लेकर मथुरा रवाना हो गए।
वृंदावन की होली में इस बार काशी का रंग कान्हा के भक्तों के सिर चढ़कर बोलेगा। काशी में तैयार फेटा पगड़ी पहनकर बांकेबिहारी भक्तों के संग होली खेलेंगे। बाबा विश्वनाथ की पगड़ी सजाने वाले परिवार के मोहित दास महाराज ने कान्हा की भी पगड़ी को तैयार की हककै।
मोहित दास ने बताया कि इसे रेशम और मखमल से तैयार किया गया है। जरी और स्टोन का काम भी हुआ है। पगड़ी में कलगी लगी है। इसमें नगीने की लटकन भी लगाई गई है, जो पगड़ी की खूबसूरती बढ़ा रही है। बाबा विश्वनाथ की पगड़ी सजाने वाले नंदलाल अरोरा ने बताया कि सोमवार को पगड़ी बांके बिहारी मंदिर में अर्पित की जाएगी।