रामनगर। रामनगर चौक में ऐतिहासिक त्रिपौलिया गेट का बचा हिस्सा बारिश के चलते बृहस्पतिवार की भोर में भरभरा कर गिर गया। संयोग अच्छा था कि भोर में पांच बजे गिरा। अगर दिन में में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। क्योंकि इस जगह से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इसके पहले ही गेट के दो हिस्से गिर चुके हैं।
काशी नरेश ने चौक पर गेट बनवाया था। गेट के ऊपर कमरे बनाए गए थे। जबकि नीचे दुकानें बनी थीं। इसमें लोग रहते थे। इधर गेट जर्जर हो जाने से लोग वहां से हट गए थे। इस समय खंडहर ही था। भोर में गेट गिरने से शुभ केशरी तथा अशरफ अली की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। कभी राजशाही की मिसाल रहे इस गेट के दो हिस्से पहले गिर चुके हैं। लेकिन जब भी गिरे तो भोर में ही। अब थोड़ा हिस्सा ही शेष बचा रह गया है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि इस संबंध में किला से जुड़े लोगों से शिकायत की गई कि मलबा हटाया जाए लेकिन शाम तक किला की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।