सहेजकर रखी गई हैं 14 पालकी
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यहां 10 से 12 फीट लंबी लाग बैरल गन है। कैनन मशीन गन चलाने के लिए आठ व्यक्तियों की जरूरत पड़ती थी। हाथियों को मारकर बेहोश करने के लिए एलिफाइट गन रखी गई है। एक अंगुली से भी छोटी इटालियन गन है। इसे रानियां अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करतीं थीं।
नौ तोप का कलेक्शन
किले में आज भी नौ तोप हैं। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर एक-एक तोप और सात तोप किले के अंदर हैं। आज भी काम करती हैं। रामलीला में धनुष यज्ञ के दौरान इनका इस्तेमाल किया जाता है।
सहेजकर रखी गई हैं 14 पालकी
किले में 14 पालकी रखी गईं हैं। नालकी पालकी से भगवान राम फुलवारी में जाते थे। चौवंशी पालकी का उपयोग रामायण में तब किया गया है जब सीता जनकपुर में राम से विवाह कर अयोध्या पहुंचीं। राजाओं ने अपने समय में गर्मी से बचाव के लिए घास से बनी खास पालकी का निर्माण करवाया था। सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र तोड़दार पालकी है। इस पालकी पर मेवाड़ के चित्रकारों ने कलाकृति उकेरी थी।