वाराणसी में रामनगर किला, बनारस स्टेट की गद्दी और नदेसर पैलेस सहित अन्य संपत्तियों से जुड़े विवाद में सिविल जज द्वितीय (वरिष्ठ खंड) नेहा सिंह की अदालत ने सोमवार को विष्णु प्रिया की अर्जी खारिज कर दी है। अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय की गई है। यह विवाद पूर्व काशी नरेश विभूति नारायण सिंह के पुत्र अनंत नारायण सिंह की ओर से 2011 में दायर वाद से शुरू हुआ था।
अनंत नारायण सिंह ने खुद को दिवंगत महाराज का ज्येष्ठ पुत्र बताते हुए बनारस स्टेट और रामनगर किला सहित अन्य संपत्तियों पर स्वामित्व का दावा किया था। वाद में विष्णु प्रिया सहित अन्य को रामनगर किला से बेदखल करने की मांग की थी। साथ ही, स्थायी निषेधाज्ञा और क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई थी।
2025 में, विष्णु प्रिया ने मुकदमे को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने के लिए अर्जी दी। उन्होंने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और सांविधानिक नजीरों का हवाला दिया। विष्णु प्रिया ने तर्क दिया कि वह भी दिवंगत महाराज की पुत्री हैं और संपत्तियों में उनका समान हक है।
इसके विपरीत, अनंत नारायण सिंह ने 9 सितंबर 1949 के भारत सरकार के साथ विलय समझौता का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विष्णुप्रिया की अर्जी निरस्त कर दी।