नाव तो सजी लेकिन रामलीला नहीं हुई।
मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार को विश्व विख्यात रामनगर की रामलीला के न तो पात्र निकल सके न तो किले से काशिराज की शाही सवारी ही निकल सकी। लीला स्थलों पर भी घुटने से ऊपर पानी लग गया। अंतत: राजा अनंत नारायण सिंह के निर्देश पर लीला स्थगित कर दी गई। गंगा अवतरण, चित्रकूट निवास की लीला का मंचन अब रविवार को होगा। लीला स्थगित होने की वजह से हजारों की तादाद में लीला प्रेमी लौट गए।
शनिवार को भारी वर्षा के चलते सड़कों से मैदानों तक जल जमाव और कीचड़ के कारण काशिराज ने शनिवार को लीला स्थगित करा दी। शाम पांच बजे हाथी सज गए थे लेकिन शाही सवारी नहीं निकली। गंगा अवतरण, भारद्वाज समागम, बाल्मीकि समागम और चित्रकूट निवास की लीला अब रविवार को होगी। गंगा अवतरण की लीला के लिए केवट के रूप में बब्लू साहनी अपनी नाव सजाकर पहुंचे थे।
सजी धजी नाव देखते बन रही थी। इसी नाव पर भगवान गंगा पार होने वाले थे। शनिवार की रात 8:30 बजे निषादराज आश्रम कुतलुपुर के पास हुई भगवान की मेहताबी रोशनी में आरती हुई। लीला का मंचन नहीं होने से हजारों लीला प्रेमी निराश नजर आए। लीला स्थगित होने के बावजूद करीब साढ़े तीन घंटे तक तमाम लीला प्रेमियों ने आरती का इंतजार किया।