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भक्तों के लिए बनाया गया बाल मंदिर, राम मंदिर बनने तक यहीं विराजेंगे रामलला

Tue, 28 Jan 2020 12:24 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काठ के स्वर्ण मंदिर देवालय में विराजेंगे रामलला - फोटो : अमर उजाला।
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रामभक्तों की भावना को ध्यान में रखते हुए अस्थायी मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। इस मंदिर को शास्त्रों में बाल मंदिर कहा गया है। यह जानकारी अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दी। 

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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामलला के भव्य मंदिर की परिकल्पना भक्तों और संत समुदाय ने शुरू कर दी है। जगतगुरु की इच्छानुरूप भगवान राम के एक काठ के मंदिर की परिकल्पना की गई है। भगवान के बाल मंदिर के मॉडल का लोकार्पण केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ से किया गया।

उन्होंने कहा कि बाल मंदिर चंदन की लकड़ी से बनाया जाएगा। इसे सोने से मढ़ा जाएगा और इसके लिए हम ग्राम-ग्राम, राम-राम मुहिम चलाएंगे। हम 7 लाख गांवों में जाएंगे और पूरे गांव से एक ग्राम सोना इकठ्ठा करेंगे। कुछ सोना काठ के मंदिर में लगाया जाएगा। जो बचेगा वह, मुख्य मंदिर के शिखर में लगाया जाएगा।

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मंदिर की परिकल्पना जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी की है। वे चाहते हैं कि निर्माण कार्य होने तक रामलला इस काठ के मंदिर में रहें, ताकि भक्तों को दर्शन सुलभ हो सकें। इस दौरान रमेश उपाध्याय ने एक ग्राम और महंत मुनीशरण ने 21 सौ रुपये का सोना दान किया।
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