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पूर्वांचल के बौद्धिक मंच की शुरुआत, 20वें आजमगढ़ पुस्तक मेले का हुआ शुभारंभ

Mon, 27 Jan 2020 10:55 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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शिब्ली कालेज में आयोजित पुस्तक मेले में लेखक बल्देव भाई शर्मा के साथ डीएम एनपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से शिब्ली नेशनल इंटर कालेज परिसर में 20वें आजमगढ़ पुस्तक मेले का शुभारंभ सोमवार को नेशनल बुक ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष व लेखक बलदेव भाई शर्मा और डीएम एनपी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य वक्ता बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 20 वर्षों की निरंतरता इस बात का प्रमाण है कि आजमगढ़ पुस्तक मेला समूचे पूर्वांचल का बड़ा आयोजन है।

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भारत के सभी प्रतिष्ठित प्रकाशकों की उपस्थिति इस बात का विश्वास दिलाती है कि अगर किसी अभियान को सतत जारी रखा जाए तो बड़े से बड़े संस्थान भी उस प्रवाह के सहयात्री बनते हैं।

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पूर्वांचल से हमारा गहरा रिश्ता है। हमने चार साल पहले पूर्वांचल के सभी जिलों में महत्वपूर्ण साहित्यकारों के गांवों में साहित्य यात्रा का संयोजन किया था। आज इस आयोजन में हिस्सा लेकर मुझे सुखानुभूति महसूस होती है।

डीएम ने कहा कि आजमगढ़ साहित्य सरजना की धरा है। यह प्रवाह विविध प्रयोगों के जरिये नयी पीढ़ी में प्रवाहित होता रहेगा। हरियाणा ओलंपिक संघ के जगबीर मलिक ने कहा कि पूर्वांचल साहित्यकारों की धरा है। साहित्य अकादमी के संयोजक एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. चितरंजन मिश्र ने कहा कि खड़ी हिंदी का सबसे बड़ा महाकाब्य आजमगढ़ के ही निजामाबाद में रचा गया।

आजमगढ़ 1857 से लेकर वर्तमान समय तक लोक के स्वर को स्थापित करके जीने वाला शहर है। डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने कहा कि यह पुस्तक संस्कृति के चुनौती का शहर है। ऐसे आयोजन पुस्तक संस्कृति के उन्नयन के वाहक हैं।
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हवलदार यादव ने कहा कि आजमगढ़ पुस्तक मेला सभी विचारधाराओं और धर्मों का संगम है। विधायक आलमबदी, डायट प्राचार्य डा. अमरनाथ राय, शिब्ली कालेज के प्राचार्य मसूद अख्तर ने विचार रखे। लेखक कन्हैया लाल यादव, डा. रविन्द्र  नाथ राय, भावना मिश्रा, अनिल राय ने भी विचार रखे। संचालन राजीव रंजन ने किया।

संरक्षित सड़क पर विमर्श आज
28 जनवरी को सुरक्षित सड़क हमारा अधिकार विषय पर शिब्ली डिग्री कालेज के सभागार में विमर्श होगा। समकालीन भारतीय साहित्य के संपादक बृजेंद्र त्रिपाठी और एआरटीओ प्रशासन आरएन चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। सभी शिक्षण संस्थाओं में सक्रिय एनएसएस वालिंटियर भाग लेंगे। आयोजन में निशार बेग, आफाक अहमद, अफरोज आलम खां, नदीम अहमद ने सक्रिय भूमिका निभायी।
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