वाराणसी। पूरा रमजान लॉकडाउन में बीता और अब ईद की रौनक भी लॉकडाउन में लॉक रहेगी। न ईदगाहों में नमाज होगी और ना ही मस्जिदों में ईद की रौनक होगी। इन सबमें ईद की खुशी तो सादगी से मनानी ही है लेकिन इस लॉकडाउन में ज्यादातर लोग परेशान हाल हैं। गरीब, असहाय ही नहीं मिडिल क्लास फैमिली भी इस लॉकडाउन में परेशान हैं।
ये तो तय है कि इस बार ईद नए कपड़ों में नहीं होगी लेकिन ईद के दिन कोई भूखा न रहे, कम से कम उसके यहां शिरनी के तौर पर सेवईं ही बन जाए, इसके लिए कई सामाजिक संगठन मुस्लिम इलाकों में लोगों की मदद कर रहे हैं। इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से ईद किट बांटी जा रही है। इस किट में सेवईं, चीनी, मेवा, घी वगैरह शामिल हैं। फाउंडेशन की ओर से सरैया, कोनिया, दुल्हीपुर आदि इलाकों में लोगों के बीच ये किट बांटा जा रहा है। वहीं मुफ्ती-ए-शहर की जानिब से भी लोगों को बड़े पैमाने पर राशन किट बांटी जा रही है। ताकि रोजेदारों का रमजान और ईद बेहतर ढंग से बीते। इसी तरह जमीअत उलेमा जिला बनारस, जमीअत उलेमा-ए- बनारस, जमीअतुल अंसार, बुनकर बिरादराना तंजीमों की ओर से राहत पैकेट बांटे जा रहे हैं। ईद के मद्देनजर भी लोगों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश में नेक दिल लगे हुए हैं।
इस्लामिक फाउंडेशन के एसएम खुर्शीद बताते हैं कि नए कपड़ों से ज्यादा जरूरी है कि हम गरीबों की कुछ परेशानियों को कम कर सकें। सच्चे दिल से मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को आना होगा। जमीअतुल अंसार के इशरत उस्मानी सभी की ओर से कोशिशें की जा रही हैं लेकिन लोगों की जरूरतों के लिहाज से वो कम पड़ रही हैं। ईद को कुछ दिन बचे हैं, ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से भी मुस्लिम इलाकों में राहत सामग्री वितरण की सख्त जरूरत है।