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हजरत अली का ताबूत सताया, किया मातम

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वाराणसी। शेरे खुदा मौला अली की शहादत की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को शहर की शिया मस्जिदों में मौला अली की शहादत का गम मनाया गया। ये अलग बात है कि दरगाहे फातमान में जुमेरात होने के बावजूद और शब्बेदारी जहां हजारों लोग हुआ करते थे वहां गिनती के दो-चार लोग ही थे। दरगाह के मुतवल्ली अब्बास रिजवी शफक ने बताया कि हजरत अली का मातम लॉक डाउन का पालन करते हुए मनाया गया।
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उधर काली महल शिया मस्जिद में फरमान हैदर ने नौहा पेश किया तुम्हारे रौजे पर एक फूल हम चढ़ा सके, इमाम आपको ताबूत उठा न सके...। मौला-ए-कायनात हजरत अली की शहादत के सिलसिले से अर्दली बाजार में मीर गुलाम अब्बास कैंपस में लोगों ने ताबूत सजाकर मतलिस और मातम किया। वहीं बेनियाबाग स्थित डॉ. सैयद नाजिर हुसैन के आवास पर, इमानिया अरबी कालेज , चौक स्थित मिर्जा महशर बेग के आवास पर मजलिस व मातम के बाद कोरोना से निजात के लिए दुआ की गई। उधर, मस्जिदों और घरों में शब-ए-कद्र का आमाल किया। नजमुल हसन, साजिद हुसैन, जाकिर हुसैन, रियाज जाफर आदि रहे।
काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने अलविदा जुमा और ईद की नमाज मस्जिदों में अदा करने की इजाजत देने के लिए पीएम और सीएम को पत्र लिखा है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ये पत्र उन्होंने डीएम कौशल राज को सौंपा। उनका कहना है कि अलविदा और ईद की नमाज अदा कर हम मुल्क के लिए दुआ करेंगे। कोरोना से निजात के लिए खास दुआ की जाएगी।
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