रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून केवल संविधान और लोकतंत्र नहीं, अखंड भारत के सपने पर भी हमला है। इसलिए भारत सरकार देश हित में इस कानून को अविलंब वापस ले।
नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविंद चौधरी ने कहा नागरिक रजिस्टर पंजी (एनआर सी) का प्रयोग पहली बार असम में किया गया। इसके लिए आंदोलन करने वाला यह राज्य भी इस प्रयोग को स्वीकार नहीं किया। उसकी अस्वीकार्यता को गंभीरता से लेना चाहिए था और सर्वदलीय समिति बनाकर आम सहमति का प्रारूप बनाने की कोशिश होनी चाहिए थी। इस आम सहमति से बने प्रारूप का भी प्रयोग पहली बार असम में ही होना चाहिए था, फिर देश में लेकिन रोजगार, भूख और आर्थिक मोर्चे पर बुरी तरह फेल भारत सरकार अपना असंवैधानिक चेहरा महाराष्ट्र में उजागर हो जाने के बाद जल्दी में थी।