वातानुकूलित प्रथम श्रेणी कोच की खासियत
बरेली एक्सप्रेस के दोनों कोच की केबिन, कॉरिडोर, फर्श व सीलिंग सबको अलग-अलग रंग दिया गया है। आंखों को भाने वाले कोच के अंदर कलरफुल पर्दे, वाल पेटिंग और सीट पर बेहतरीन चादर यात्रा को आरामदायक बनाएंगे। फर्श पर मैटिंग के अलावा बाथरूम की साज-सज्जा भी यात्रियों को आकर्षित करने वाली होगी।
खरमास बाद होगा कोच का शुभारंभ
मंडल यांत्रिक अभियंता राजेश कुमार के नेतृत्व में दस इंजीनियरों सहित कर्मचारियों की टीम ने कोच पर काम करना शुरू कर दिया है। डीएमई ने संभावना व्यक्त किया है कि दोनों कोच को तैयार करने में कम से कम अभी 25 दिन लगेंगे। इस तरह से देखा जाए तो 15 जनवरी तक दोनों कोच को तैयार करने का लक्ष्य है।
वाराणसी मंडल रेलवे के मंडल यांत्रिक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि उन यात्रियों के लिए यह वातानुकूलित कोच बेहतर साबित होगा, जो काशी की संस्कृति व सभ्यता को करीब से नहीं महसूस कर सके हैं। साथ ही उस्ताद साहब और पं. किशन महाराज के लिए भी यह सच्ची श्रद्धांजलि साबित होगी।