इनके अलाव पर पानी डाला जा रहा है। इसके बाद भी महिलाएं डटी हुई हैं और एलान कर रही हैं कि देश की 90 फीसदी आबादी को लाइन में खड़ा करने वाले कानून को नहीं मानेंगीं। इन महिलाओं पर दंगा भड़काने का एफआईआर दर्ज कराना लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है।
चौधरी ने कहा कि एनआरसी, एनपीआर और सीएए के विरोध में हुए धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने नियोजित तरीके से पहले भी बर्बर हमला बोला। इस बर्बर हमले में बीस लोगों की जान गई, सैकड़ो लोग अधमरे हो गए, हज़ारों लोग कानून के फंदे में वेवजह फांसे गए हैं। यूपी सरकार की इस बर्बर कार्रवाई से लोकतांत्रिक जगत में यूपी का सिर झुका है।