वह 29 दिसंबर के प्रस्ताव पर नजर गड़ाए हैं। भारत सरकार के पास अवसर है। वह चाहे तो इस अवसर पर तीनों कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी शक्ल देकर मंगलवार को ऐतिहासिक दिन बना सकती है। उन्होंने कहा कि कारपोरेट के मोह में भारत सरकार उक्त एलान नहीं करती है तो किसान संगठन 31 दिसंबर से राष्ट्रीय स्तर पर आरपार की लड़ाई की घोषणा करें। इस आरपार की लड़ाई में समाजवादी पार्टी हर स्तर पर किसानों के साथ रहेगी।
यह देश है वीर जवानों का...
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह देश है वीर जवानों का, मजदूरों और किसानों का, भारत सरकार इस देश को कारपोरेट का देश बनाने की जिद छोड़े और कारपोरेट की गुलामी करने की जगह किसानी और किसान की रक्षा करने का संकल्प ले। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सपा हरेंद्र सिंह, अशोक यादव, रविंद्र सिंह, संकल्प सिंह, रमेश सिंह, यशराम सिंह, अनिल यादव, छितेश्वर सिंह, विदेशी लाल, चंदन सिंह, लालू यादव, अरविंद राजभर, प्रवीण सिंह, उपेंद्र मिश्र, सुजीत सिंह परिहार, कवि मदन, विजय चौधरी, मुन्ना गुप्ता, राजू राजभर आदि रहे। अध्यक्षता लालसाहब सिंह और संचालन हरेंद्र सिंह ने किया।