यूपी के बलिया में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक व विशिष्ट अतिथि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा शामिल हुए।
शनिवार को हुए समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि पहली बार प्रदेश के सभी 28 विश्वविद्यालयों में निर्धारित समय पर दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें कुल 12 लाख 79 हजार छात्रों को उपाधियां दी गईं। उपाधियां लेने वालों में 56 फीसदी छात्राएं रहीं, जिससे यह साबित हो रहा है कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रदेश बढ़ रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विश्वविद्यालय व छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय में उपाधियां पाने वालों में छात्राओं की संख्या 80 फीसदी से अधिक है। उन्होंने इस अवसर पर अपनी पुस्तक चरैवेति चरैवेति का जिक्र करते हुए कहा कि सफलता के लिए चलते रहो-चलते रहो।
स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय का नामकरण चंद्रशेखर के साथ की यादों को भी ताजा किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों, कृतित्व व व्यक्तित्व के अनुसार विश्वविद्यालय में शिक्षा का उत्तम माहौल बनाना चाहिए। उनकी ओर से विश्वविद्यालयीय प्रतिस्पर्धा की व्यवस्था की गई है।
प्रयास हो कि यह विश्वविद्यालय पहले स्थान पर पहुंच जाए। पूर्व के सालों में प्रदेश के विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह का कभी भी समय से आयोजन नहीं किया गया, यही कारण है कि ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो सौ साल से अधिक हो चुके हैं लेकिन दीक्षांत समारोह कहीं 50वां तो कहीं 70वां रहा।
इस साल प्रदेश के सभी 28 विश्वविद्यालयों में निर्धारित समय पर दीक्षांत समारोह आयोजित किए गए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयीय परीक्षा को नकल विहीन कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए और यही कारण रहा कि इस साल तीन लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
स्थापना दिवस पर परिसर में पंडित हजारी प्रसाद द्विवेदी भोजपुरी केंद्र, इतिहास संग्रहालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ व अतिथि गृह का लोकार्पण शनिवार को राज्यपाल राम नाईक व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया।