अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश लाना केंद्र सरकार का अधिकार है। इस पर सरकार ही विचार करेगी। राज्यपाल इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने यह बात कही। शुक्रवार को नाईक बतौर कुलाधिपति संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अध्यादेश लाना है कि नहीं, यह फैसला केंद्र सरकार राष्ट्रपति से विचार-विमर्श के बाद करती है। बतौर राज्यपाल इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं। ऐसे में इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है।
इस मुद्दे पर कुछ सांसदों की ओर से प्राइवेट मेंबर बिल लाने की कोशिशों पर राज्यपाल ने कहा कि हर सदस्य को लोकसभा-राज्यसभा में निजी विधेयक लाने का अधिकार है। ऐसा विधेयक संविधान के अनुरूप हैं कि नहीं, ये सदन का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। निजी विधेयकों पर चर्चा के बाद सरकार द्वारा उत्तर दिया जाता है।