क्या है 'मोल्डिंग ऑफ रिलीफ'
सुप्रीम कोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 142 के दीवानी प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 151 के तहत दो पक्षों की मांगों के अलावा तीसरे तरह का फैसला देने का अधिकार है। चूंकि अयोध्या मामले में हिंदू पक्ष पूरी जन्मभूमि पर अपना दावा कर रहा है। मुस्लिम पक्ष 1992 के पहले की बाबरी मस्जिद जमीन समेत जस की तस मांग रहा है। इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट तथ्यों, सबूतों व गवाहों के मद्देनजर दोनों पक्षों में से किसी एक के पक्ष में फैसला देने की स्थिति में ना हो तो वह 'मोल्डिंग ऑफ रिलीफ' के तहत दोनों पक्षों की मांग के अलावा तीसरे विकल्प पर विचार कर फैसला दे सकती है।