Varanasi News: कार्यक्रम में डमरूदल के 251 सदस्य मंदिर की परिक्रमा करेंगे। ध्वजायात्रा में इस बार 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे और संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में 11 हजार ध्वजाएं अर्पित करेंगे। विशेष रूप से तैयार 25 फीट की विशाल मुख्य ध्वजा भी अर्पित की जाएगी।
हनुमान जन्मोत्सव पर 23 अप्रैल को निकलने वाली पूर्वांचल की सबसे बड़ी शोभायात्रा यानी श्री हनुमान ध्वजा यात्रा इस बार प्रभु श्रीराम को समर्पित रहेगी। राममंदिर की झांकी, अयोध्या से आई रामलला की मूर्ति, रामजन्मभूमि की मिट्टी और सरयू का जल आकर्षण का केंद्र होगा।
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60 फीट लंबे रथ पर राममंदिर की झांकी सजाई जाएगी और संकटमोचन के चरणों में 11 हजार ध्वजा अर्पित की जाएगी। साथ ही भक्तों में बेसन के 1001 किलो लड्डू का प्रसाद बांटा जाएगा।
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यह जानकारी शुक्रवार को श्री हनुमत सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष रामबली मौर्या, डॉ. संतोष ओझा, अजय मौर्य व रितु गर्ग ने नेवादा स्थित समिति के मुख्य कार्यालय में प्रेसवार्ता में दी।
अध्यक्ष रामबली मौर्य ने कहा कि 500 वर्षो की प्रतीक्षा के बाद हम सबके आराध्य प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर अयोध्या में बना है। इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर इसका उत्सव मनाने जा रहे हैं। इस बार अयोध्या में बने राममंदिर की झांकी सबसे खास होगी। इसके लिए विशेष तौर से एक ट्राला तैयार किया गया है। इस पर 25 फीट लंबे, 22 फीट ऊंचे और 15 फीट चौड़े मंदिर को सजाया जाएगा। श्रीराम मंदिर का निर्माण आर्टिस्ट प्रखर दुबे कर रहे हैं।