काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने भी विभिन्न पंचांगों में प्रदत पूर्णिमा के मान तथा धर्मशास्त्र के वचनों की समीक्षा करते हुए 30 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने का समर्थन किया। बैठक में ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. गिरजा शंकर, पूर्व ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, प्रो. रामजीवन मिश्र, प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, डॉ. सुभाष पांडेय आदि मौजूद रहे।
उपाकर्म में नहीं लगता है भद्रा दोष
श्रावण पूर्णिमा का एक महत्वपूर्ण कर्म उपाकर्म भी होता है। इसका अनुष्ठान शुक्ल यजुर्वेद के तैतरीय को छोड़कर अन्य सभी शाखा वालों का धर्म शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार 30 तारीख को तथा तैतरीय शाखा वालों की उदय व्यापिनी पूर्णिमा में 31 को उपाकर्म करना शास्त्र सम्मत रहेगा। खंड रूप में पूर्णिमा का दो दिन मान प्राप्त होने की स्थिति में द्वितीय दिन यदि दो/तीन घटी से अधिक और छह घटी से कम पूर्णिमा प्राप्त हो रही हो तो शुक्ल यजुर्वेद की तैतरीय शाखा के लोगों को श्रावणी उपाकर्म दूसरे दिन तथा शुक्ल यजुर्वेदीय अन्य सभी शाखा के लोगों को श्रावणी उपाकर्म पूर्व दिन अर्थात 30 अगस्त को ही करना चाहिए।