गंगा के रास्ते कोलकाता से एक अगस्त को विदेशी मेहमानों के दल को लेकर निकला राजमहल क्रूज बुधवार को वाराणसी से मिर्जापुर जिले के चुनार पहुंचा। दोपहर लगभग साढ़े 11 बजे क्रूज ने बीच गंगा में लंगर डाला। उसके बाद उसमें सवार 17 सदस्यीय विदेशी मेहमानों का दल छोटे स्टीमर पर सवार होकर गंगा किनारे पहुंचा। वहां से तीन टूरिस्ट वाहन में सवार होकर वे चुनार के प्रसिद्ध स्थलों को देखने व घूमने के लिए निकले।
मेहमानों के दल ने नगर में स्थित ऐतिहासिक चुनार का दुर्ग, दरगाह शरीफ स्थित हजरत बाबा कासिम सुलेमानी की दरगाह, सरैया सिंकदरपुर में स्थित इफ्तेखार खां का रौजा देखने के साथ ही पाटरी सेंटर को देखा। दरगाह शरीफ में बाबा की मजार के बाहर लगी चारदीवारी में नक्काशीयुक्त लगाई गई जाली को देखकर उसकी काफी प्रशंसा की।
ये भी पढ़ें : वाराणसी-गाजीपुर में भायनक स्थिति, बलिया में लाल निशान पार करने के बाद घरों में घुसा गंगा का पानी
चुनार दुर्ग को देखने के बाद दल के मेहमानों ने कहा कि चुनार इज वेरी ब्यूटीफुल प्लेस। यहां से वापस निकलते समय उन्होंने आंग्ल कब्रिस्तान को देखा और उसका रख रखाव ठीक न होने पर दुख प्रकट किया। विदेशी मेहमानों के दल में आस्ट्रेलिया के छह, सिंगापुर के तीन, हांगकांग के एक व ब्रिटेन के आठ सदस्य शामिल रहे।