यातायात दबाव को देख पूरी तैयारियां थीं। पड़ाव चौराहे से रामनगर मार्ग और सामनेघाट पुल से लंका मालवीय चौराहा, भगवानपुर से डाफी मार्ग पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। भारी वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया गया। छोटे और हल्के वाहन ही सामनेघाट पुल से गुजारे गए। जबकि राजघाट पुल के दोनों छोर पर सीमेंटेड बैरियर लगाकर बड़े वाहनों के लिए रास्ता अवरूद्ध किया गया। सिर्फ पैदल, दोपहिया, स्कूली वाहन और एंबुलेंस को छूट दी गई।
एसीपी यातायात सोमवार वीर सिंह ने रामनगर, कोतवाली और लंका सर्किल के टीआई, संबंधित थानों की पुलिस के साथ यातायात व्यवस्था की निगरानी की। पड़ाव चौराहा से लेकर रामनगर चौराहा और लंका तक यातायात व्यवस्था देखी। पीडब्ल्यूडी की ओर से 20 दिसंबर से 13 जनवरी 2026 तक राजघाट पुल का मरम्मत कराना है। इस वजह से डायवर्जन लिया गया था।
राजघाट पुल पर मरम्मत की वजह से लगा जाम।
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ऑटो, ई-रिक्शा वालों ने लिया बढ़ा किराया
राजघाट पुल पर प्रतिबंधित के बाद पड़ाव चौराहा से रामनगर मार्ग पूरी तरह से चोक हो गया। सुबह रामनगर किला मार्ग से सामनेघाट पुल और ट्रॉमा सेंटर, मालवीय चौराहा तक जाम इतना बढ़ा कि बीच रास्ते में ऑटो वालों ने यात्रा करने से इन्कार कर दिया। 40 की जगह 80 रुपये यात्रियों से लिए गए। पीडीडीयूनगर से लंका बीएचयू गेट और लंका चौराहा से कैंट की ओर जाने के लिए लोग परेशान हुए।
सामनेघाट पुल पर ही लोग 30 मिनट फंसे रहे। पीडीडीयूनगर निवासी राहुल तिवारी बाबू ने बताया कि कैंट रोडवेज जाने के लिए पड़ाव, रामनगर और लंका होकर कैंट पहुंचना पड़ा। 40 रुपये में पीडीडीयूनगर से कैंट पहुंच जाते थे, सुबह के समय डायवर्जन के बाद एक तो दूरी बढ़ी, किराया और समय भी अधिक लगा। परिवार लेकर परेशान हो गए। सामनेघाट में जाम को देख कुछ ऑटो वालों ने ट्रॉमा सेंटर से ही वाहन वापस मोड़ लिया।
पीडब्ल्यूडी ने राजघाट पुल पर ड्रेनेज स्पाउट एक्सपेंशन ज्वाइंट के कार्य को अगली तिथि तक आगे बढ़ा दिया है। इस वजह से छह घंटे में डायवर्जन समाप्त किया गया। जब पीडब्ल्यूडी की ओर से दोबारा अनुमति मांगी जाएगी, तब डायवर्जन लागू किया जाएगा। फिलहाल पहले की तरह ही राजघाट पुल से गाड़ियों की आवाजाही होती रहेगी। - अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी यातायात, वाराणसी कमिश्नरेट