राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान का मंत्र दिया था। हिंदू-मुसलमान के नाम पर देश को बांटने का काम करने वालों के मंसूबे पर यह पानी फेरने वाली बात है। हिंदू धर्म में तो सभी धर्मों का स्वागत है और यह देश के लिए भी शुभ संकेत हैं।
दरअसल, सारा अली खान ने रविवार को बिना किसी पूर्व सूचना के काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार विधि से पूजन किया था। मंदिर प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। काशी विकास समिति के महासचिव चंद्रशेखर कपूर का कहना है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अनार्यों और गैर सनातधर्मियों का प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है।
बावजूद इसके सारा अली खान ने रविवार को बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन और पूजन किया। गैर सनातनधर्मियों के लिए मंदिर में केवल शिखर दर्शन की व्यवस्था है। मंदिर प्रशासन को इस मामले की जांच करानी चाहिए कि किसने सारा अली खान और उनकी मां अमृता सिंह को दर्शन-पूजन कराया।
काशी विद्वत परिषद के डॉ. रामनारायण द्विवेदी का कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों ने अगर स्पर्श दर्शन कराया है तो यह गलत है। इसको मंदिर प्रशासन को संज्ञान में लेना चाहिए।