प्रस्तुतीकरण में संस्थान का संक्षिप्त परिचय, संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वीकृत व रिक्त पदों का विवरण शामिल करना होगा। साथ ही छात्र नामांकन की स्थिति, उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और छात्रावास आदि का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य किया गया है। यही नहीं छात्र एवं शिक्षकों की उपलब्धियों, शोध कार्य, प्रकाशन, पेटेंट, सांस्कृतिक गतिविधियों, सेमिनार, कार्यशालाओं और अन्य शैक्षणिक आयोजनों की जानकारी भी साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रेजेंटेशन में महाविद्यालयों की रैंकिंग, वित्तीय प्रगति, सामाजिक गतिविधियां, एनएसएस/एनसीसी तथा अन्य प्रमुख उपलब्धियों को भी शामिल होगा। निर्देशों में यह भी स्पष्ट है कि सभी जानकारियों के समर्थन में जियो टैग्ड फोटो और कैप्शन सहित प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं, इससे प्रस्तुतिकरण की प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके। पत्र में कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित प्राचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे।