बारिश के बाद सड़कों पर लगा पानी
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल में मानसून करीब दो सप्ताह देरी से जरूर आया लेकिन अब मौसम बन चुका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में नौ जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानी का मानना है कि चक्रवाती हवाएं पूर्वांचल में बनी हुई हैं।
बंगाल की खाड़ी के साथ अरब सागर का मानसून भी पहुंच चुका है। इससे तीन से चार दिनों में अच्छी बारिश के संकेत हैं। वाराणसी समेत आसपास के जिलों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, इससे मानसून सक्रिय है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि पछुवा हवा चल रही है लेकिन मानसून बारिश के अनुकूल बना हुआ है। जमीन की सतह से सात किमी ऊंचाई तक चक्रवाती हवाएं बनी हुई हैं। मानसूनी हवाएं पूर्वांचल से गुजर रही हैं। ऐसे में नौ जुलाई तक भारी बारिश के आसार हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ बिहार, झारखंड, असम तक अच्छा मानसून बना हुआ है। बताया कि अभी बंगाल की खाड़ी का मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। उसके सक्रिय होते ही बारिश और तेज होगी।
इधर अच्छी बारिश के बाद किसान खेत तैयार करने में जुट गए हैं। जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, अब रोपाई शुरू कर देंगे।