बेमौसम बारिश और आंधी ने फसलों की सेहत बिगाड़ने के साथ नुकसान भी किया है। रबी सीजन की गेहूं, सरसों, आम, अमरूद की फसलें प्रभावित हुई हैं। गेहूं की 15 से 20 फीसदी, सरसों की पांच और आम की 25 फीसदी फसल खराब हुई है। जबकि बारिश में भीगने से कटाई और मड़ाई में 10 से 15 दिनों की देरी हुई है। अब तक 217 किसानों ने गेहूं की फसल खराब होने की शिकायत की है।
गेहूं के पकने के समय मार्च में ही गर्मी से इसके दाने ठीक से नहीं बन पाए। फिर 15 दिनों से बीच-बीच में बारिश, तेज हवा से गेहूं की खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान हुआ। अगेती फसल पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। मौसम की मार से गेहूं की मड़ाई भी प्रभावित हुई। इसके चलते गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एनके सिंह और डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश-तूफान से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। भीगे गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि जहां-जहां से शिकायत आई हैं, वहां सर्वे कराया जा रहा है।
सब्जियों को रोग से बचाएं
बारिश की वजह से सब्जियों में रोग लगने लगा है। डॉ. एनके सिंह ने बताया कि सब्जियों में फफूंद रोग का प्रभाव बढ़ने लगा है। इसके लिए किसान अपने नजदीक के कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर जरूरत के मुताबिक दवा लेकर छिड़काव करें। ज्यादा बारिश की स्थित में खेतों में पानी ठहराव न होने दें।
1006 आवेदन, 614 का सर्वे
प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाने वाले किसानों ने फसलों के नुकसान की शिकायत कृषि विभाग से की है। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि 217 किसानों ने 1006 आवेदन किए हैं। इसमें 614 का सर्वे किए गए हैं। जबकि 392 आवेदनों का सर्वे करना बाकी है। हालांकि नुकसान की ज्यादा संभावना नहीं है।