ज्ञानपुर/लालानगर (भदोही)। मंडुआडीह-प्रयागराज रेल रूट के दोहरीकरण के क्रम में शनिवार को इंटरलॉकिंग के लिए रेलवे ने ब्लॉक लिया। इससे पवन और पटना एक्सप्रेस के मार्ग बदले गए जबकि विभूति एक्सप्रेस निरस्त कर दिया गया। ट्रेनों के अचानक रूट बदलने और निरस्त होने से विभिन्न स्थानों की यात्रा का टिकट ले चुके लगभग 200 यात्रियों ने अपने टिकट वापस लिए।
रेल विकास निगम विद्युतीकरण और दोहरीकरण का कार्य करा रहा है। गत दिनों माधोसिंह से हंडिया तक स्थलीय निरीक्षण कर महाप्रबंधक गोरखपुर मुख्यालय दिनेश त्रिपाठी ने कार्य में तेजी लाकर समयसीमा में हैंडओवर करने की हिदायत दी थी। निगम अधिकारियों को लगी फटकार पर दोहरीकरण कार्य ज्ञानपुर रोड स्टेशन तक पूरा कराते हुए नॉन इंटरलाकिंग की रिपोर्ट मंडल वाराणसी भेज दी गई। मंडल अधिकारियों ने 12 से 20 फरवरी तक नॉन इंटरलाकिंग की सहमति देकर कोलकाता से रामबाग तक चलने वाली विभूति एक्सप्रेस को मंडुआडीह से शॉर्ट टर्मिनेट कर मंडुआडीह से रामबाग तक निरस्त रखा है। सुबह नौ से दस बजे के बीच मुंबई और सिकंदराबाद से आने वाली पवन एक्सप्रेस, पटना एक्सप्रेस के मार्ग बदल दिए गए। वहीं नान इंटरलाकिंग ब्लॉक में दूसरे दिन माधोसिंह-ज्ञानपुर रोड स्टेशन सेक्शन में नॉन इंटरलाकिंग कार्य के अंतर्गत जलेबी क्लैंप की कसाई की गई।
उधर, ट्रेनों के अचानक रूट बदलने और निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। जानकारी न होने के कारण कई यात्री स्टेशन आकर लौटने के लिए मजबूर हो गए। आरक्षित टिकट वापस करने के लिए ज्ञानपुर रोड और अन्य स्टेशनों के काउंटरों पर यात्रियों की कतार लगी रही। यात्री राकेश पाल ने बताया कि मुंबई के लिए रिजर्वेशन टिकट कराया था। ट्रेन का मार्ग बदलने पर वापस करना पड़ा। नागेंद्र यादव ने कहा कि कोलकाता जाने के लिए ज्ञानपुर रोड स्टेशन से टिकट लिया था। ट्रेन यहां नहीं आएगी और मंडुआडीह से ट्रेन पकड़ना असंभव है। ऐसे में टिकट वापस करना ही विकल्प है। महेश पाल का दर्द रहा कि अचानक ट्रेनों का मार्ग बदलने और निरस्त होने का पता चलने पर टिकट वापस करने आना पड़ा। आरक्षण सहायक त्रिलोकीनाथ ने बताया कि रात और भोर में चलने वाली ट्रेनों का संचालन नहीं बदला है। सिर्फ तीन ट्रेनों को प्रभावित होने से आरक्षण कराने वाले यात्री टिकट वापस कर रहे हैं।