इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों कर्मचारियों ने किसी तरह क्लैंप लगाकर डेढ़ घंटे बाद श्रमजीवी एक्सप्रेस को पार कराया। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू हुआ। इस दौरान स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर 13202 डाउन लोकमान्य तिलक को और दो नंबर प्लेटफार्म पर 12304 डाउन पूर्वा एक्सप्रेस को रोक दिया गया।
दानापुर मंडल के साथ मुगलसराय मंडल के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पटरियों की मरम्मत शुरू की। प्रयास के बाद सुबह साढ़े सात बजे मरम्मत पूरा हुआ और दस किलोमीटर अधिकतम गति सीमा के साथ ट्रेनों को गुजारने का क्रम शुरू हुआ।
इसके पहले रूट बाधित होने से दानापुर जनसाधारण, बिकानेर हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस, नई दिल्ली सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस, अजीमाबाद पटना एक्सप्रेस, पटना पैसेंजर, दिलदारनगर पैसेंजर आदि ट्रेनों को वाराणसी, मिर्जापुर, इलाहाबाद, कुछमन, रेलवे यार्ड आदि में खड़ा किया गया। घंटों ट्रेन के खड़ी होने से यात्रियों में नाराजगी रही।
चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
पीडीडीयू जंक्शन से श्रमजीवी एक्सप्रेस रवाना होने के बाद स्टेशन से आठ किलोमीटर दूर ताराजीवन गांव के समीप सुबह करीब 4.10 बजे पहुंची। इस बीच चालक को कुछ झटका महसूस हुआ। इस दौरान उसने ट्रेन को रोक दिया। चालक उतरकर चेक किया तो पटरी चटकी मिली।
यह देखकर चालक के होश उड़ गए। जानकारी होने पर यात्री भी सहम गए। चालक ने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल को दी। दानापुर मंडल और मुगलसराय मंडल से तकनीकी टीम रवाना हो गई। यदि चालक ट्रेन नहीं रोकता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत यह भी रही कि कुछमन के पास पटरी टर्न है। ऐसे में वहां काशन पर भी ट्रेनें गुजरती हैं और गति भी कम होती है।