निरीक्षण करते चेयरमैन एके मित्तल
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने शनिवार को रेलवे के खान-पान से जुड़ी यात्रियों की शिकायतों पर बेतुका सुझाव दिया। कैग रिपोर्ट में गिनाई गईं खान-पान से जुड़ी समस्याओं और हाल ही में भोजन में छिपकली मिलने के सवाल पर कहा कि यात्री अपने घर से बना खाना लेकर आएं क्योंकि उसकी गुणवत्ता का कोई विकल्प नहीं है।
हालांकि अगले ही पल उन्होंने खान-पान से जुड़ी खामियां स्वीकारते हुए कहा कि हमारी पालिसी में ही कुछ कमियां थीं, जिसकी वजह से इस तरह की दिक्कतें हुईं। कहा कि करीब 14 लाख लोगों को प्रतिदिन खाना दिया जाता है।
खान-पान में कांट्रैक्टर के साथ गुणवत्ता का बड़ा मुद्दा रहा है। यात्रियों के बेहतर खान-पान के लिए बेस किचन लाने की तैयारी चल रही है। साल भर में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। साथ ही, ई कैटरिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि यात्री अपनी जरूरत और पसंद के आधार पर खाना मंगा सकें।
देश में 2022 तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
पीएम नरेंद्र मोदी की बुलेट ट्रेन की महत्वाकांक्षी परियोजना 2022 तक मूर्तरूप ले सकती है। शनिवार को यहां आए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कहा कि वर्ष 2015 में इसकी घोषणा और स्वीकृति के बाद से ही चरणबद्ध तरीके से इस पर काम हो रहा है।
आने वाले पांच से छह वर्षों में देश में बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। बड़ी परियोजना होने के बावजूद इसे वर्ष 2022-23 तक साकार करने की तैयारी है। भविष्य में बुलेट ट्रेन के रूट में वाराणसी को भी शामिल किया जाएगा।
कैंट स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद रेलवे बोर्ड चेयरमैन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अगले एक साल में कैंट स्टेशन का पूरा लुक बदल जाएगा।
भवन विस्तार के साथ ही यात्री सुविधाआें के मद्देनजर प्लेटफार्म से सर्कुलेटिंग एरिया तक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्लेटफार्म चार और पांच की लंबाई बढ़ाई जा रही है। प्रत्येक प्लेटफार्म को स्वचालित सीढ़ी और लिफ्ट से जोड़ा जाएगा। पार्किंग स्थल का दायरा बढ़ाया जाएगा।