Varanasi News: अमेरिका में दिए गए एक बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दायर परिवाद से जुड़े मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इस मामले में नौ जुलाई को आदेश आ सकता है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर परिवाद से जुड़े मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले में नौ जुलाई को आदेश की संभावना है।
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क्या है पूरा मामला
सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्र ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के सितंबर 2024 में अमेरिका में दिए गए एक बयान से उनकी भावनाएं आहत हुईं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ), वाराणसी ने 28 नवंबर 2024 को परिवाद खारिज कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की।
अदालत ने 21 जुलाई 2025 को निचली अदालत का आदेश निरस्त कर मामले में फिर से सुनवाई के निर्देश दिए। राहुल गांधी ने आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 26 सितंबर 2025 को उनकी आपराधिक निगरानी याचिका खारिज हो गई।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला फिर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) की अदालत में पहुंचा, जहां 18 अक्तूबर 2025 को परिवाद दोबारा खारिज कर दिया गया। इसके बाद नागेश्वर मिश्र ने फिर से एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। मंगलवार को हुई सुनवाई में परिवादी की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।