नेताजी की राशि में राहू... केतु और शनि की छाया है। नेताजी जीत की मुराद लिए देव और शक्ति दरबार में अनुष्ठान करवा रहे हैं। महेंद्रनाथ पांडेय, मनोज तिवारी, रवि किशन और चिराग पासवान ने पूजा कराई है। ग्रहों की कृपा पाने के लिए समर्थक उपाय करा रहे हैं।
चुनावी रण में उतरे नेता जीत की मुराद लिए देव और शक्ति दरबार में अनुष्ठान भी करवा रहे हैं। किसी की राशि में राहू और केतु तो किसी में शनि और गुरु चांडाल की छाया है। कई नेता भले चुनाव में व्यस्त हैं, मगर उनके समर्थक ग्रह और राशि दोषों से मुक्ति और जीत के लिए जप- तप और यज्ञ आदि अनुष्ठान में लगे हैं।
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कोई सप्ताहभर तो कोई एक माह से नेताजी के नाम और गोत्र के आधार पर अनुष्ठान करवा रहा है। खास ये भी है कि कुछ नेता ऑनलाइन भी अनुष्ठान करवा रहे हैं। बृहस्पति मंदिर के महंत पं. अजय गिरि ने बताया कि मंदिर में चुनाव की घोषणा के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम व गोत्र से अनुष्ठान चल रहे हैं।
इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन और महेंद्रनाथ पांडेय का शीतला मंदिर में अनुष्ठान हुआ। बिहार के युवा नेता चिराग पासवान की जीत के लिए 21 वैदिक ब्राह्मण एक माह से जप व अनुष्ठान करा रहे हैं। वह ऑनलाइन इसमें शामिल होते हैं। बलिया के नेता उमाशंकर सिंह ने अपनी पार्टी की जीत के लिए तीन दिनों तक अनुष्ठान कराए। ऐसे और भी नेता करवा रहे हैं।
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भैरव व शनि मंदिरों में भी अनुष्ठान हो रहे हैं। पं. मनीष कपूरिया ने बताया कि महामृत्युंजय महादेव मंदिर में पूर्व सांसद राजकुमार रत्ना सिंह ने अनुष्ठान किया। वहीं, ज्योतिषियों की सलाह पर नेता जी ग्रह व राशि दोष को दूर करने के लिए रत्नों को भी धारण कर रहे हैं।
चुनाव में जीत के लिए करीब सभी नेता त्रैलोक्य विजय अपराजिता, मां बंगलामुखी जप एवं आपदाउद्धारक बटुक भैरव स्तोत्र का अनुष्ठान करवाते हैं। अपराजिता व मां बंगलामुखी माता को प्रसन्न करने और आपाद उधारक विजय अनुष्ठान बाबा भैरव को प्रसन्न करने के लिए होता है।
कुंडली में हैं 5 राजयोग तो मिलता है सत्ता का सुख
राजनीति में किस्मत आजमाने वालों की कुंडली में राजयोग होना जरूरी है। इस योग से ही कोई सत्ता का सुख भोगता है। ज्योतिषविद् विमल जैन व आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि ग्रह अपनी राशि में उच्च होकर कुंडली के पहले भाव या चौथे, सातवें या दशवें भाव में बैठ जाए तो उस ग्रह का राजयोग बनता है। ऐसी स्थिति बनने पर राजनीति में लाभ मिलता है।
ज्योतिषशास्त्र में रूचक, भद्र, हंस, मालव्य और शश राजयोग होते हैं। मंगल ग्रह से रूचक योग, बुध से भद्र, बृहस्पति से हंस, शुक्र से मालव्य और शनि से शश योग बनता है। चुनाव प्रचार के लिए बाहर से काशी आ रहे विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी के पदाधिकारी काशी विश्वनाथ, बाबा कालभैरव, बटुक भैरव, मां विशालाक्षी आदि मंदिरों में जीत का आशीष मांग रहे हैं।
मां विंध्यवासिनी के दरबार में विजय श्री के लिए चल रहे अनुष्ठान
मां विंध्यवासिनी के दरबार में कुछ ऐसे भी अनुष्ठान चल रहे हैं जिसमें एनडीए गठबंधन तो कहीं इंडी गठबंधन की जीत की कामना को लेकर पूजा पाठ हो रहा है। इतना ही नहीं चुनाव प्रचार में आने वाले मंत्री, सांसद, विधायक भी अपने मुहिम की शुरुआत माता के दरबार में मत्था टेकने के बाद कर रहे हैं।
बिहार के एक भक्त द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारी मतों से जीत तथा तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने को लेकर मां विंध्यवासिनी माता के दरबार में जाप चल रहा है। श्री विंध्य पंडा समाज के कोषाध्यक्ष तेजन गिरी ने बताया कि बिहार राज्य के एक भक्त द्वारा पूजा अर्चना अनुष्ठान कराया जा रहा है। इसी प्रकार सपा नेता धर्मेंद्र यादव की जीत के लिए भी क्षेत्र में अनुष्ठान किया जा रहा है।
इसके साथ ही अन्य प्रत्याशियों के लिए भी गुप्त रूप से पूजा पाठ अर्चना चल रही है। पूजा पाठ कराने वाले ज्यादातर समर्थक यूपी और बिहार के हैं। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा भूपेंद्र चौधरी सहित कई नेताओं ने दर्शन के बाद मिर्जापुर क्षेत्र में चुनाव प्रचार शुरू किया। सपा के महासचिव किरन मय नंदा व कई कांग्रेस नेताओं ने भी दर्शन पूजन के बाद चुनाव अभियान की शुरुआत की।