वो कहीं घूमने तो नहीं जाते थे, हां खाने के सामान की फरमाइश करते थे, उसे हम होटल पहुंचा दिया करते थे। अशफाक मेनन ने कहा कि मैंने 24 साल मुशायरा कराया और राहत भाई 21 साल लगातार बनारस मेरे मुशायरे में आए। बहुत अफसोस है कि दुनिया का सबसे बेहतरीन उर्दू अदब का सितारा चला गया।