श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब राधाष्टमी की धूम रहेगी। मंदिरों व संस्थाओं की राधारानी के जन्म के दर्शन होंगे। उनकी महिमागान होगा। गोपाल मंदिर में राधारानी (स्वामिनी) के स्वरूप में पालने पर झूलेंगी। मंगल के दर्शन होंगे। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी शुक्रवार से शुरू हुई।
इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड में श्रीराधाष्टमी के प्राकट्योत्सव 19 सितंबर को मनाया जाएगा। दोपहर तीन बजे से रात तक विविध आयोजन होगा। अभिषेक, भोग आरती, कीर्तन, प्रवचन और महाप्रसाद का वितरण होगा। गोपाल मंदिर चौखंभा में मुकुंद राय व गोपाल लाल जी का सुबह साढ़े छह बजे से स्वामिनी स्वरूप में मंगल दर्शन होगा।
षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज सपरिवार पालना पर विराजमान कर झुलाएंगे। हवेली कीर्तन से जन्म के कीर्तन होंगे। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में भगवान श्रीकृष्ण की अंतरंगा शक्ति श्रीराधारानी के तीन दिवसीय प्राकट्य महोत्सव शुरू होगा।
श्रीराधा गोविन्द देव, श्री जगन्नाथ बलदेव, श्रीसुभद्राजी के विग्रहों का दिव्य शृंगार होगा। अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास प्रभु ने बताया कि श्रीकृष्ण सरकार के युगल अवतार चैतन्य महा प्रभुजी की आरती के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक नृत्यमय गायन होगा।