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जरायम जगत में भी जातिवाद का बोलबाला, सामान्य और पिछड़ा वर्ग के आधार पर बन रहे गैंग

Wed, 02 May 2018 10:41 AM IST
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
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जरायम जगत में भी जातिवाद हावी है। अपराध की दुनिया में जाति को ध्यान में रखकर गिरोह को तैयार किया जा रहा है। वाराणसी जिला जेल मोबाइल से रंगदारी मांगने के साथ ही इन दिनों दो नए गिरोहों के कारण भी जरायम जगत में सुर्खियों में हैं। 
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वाराणसी जिला जेल मोबाइल से रंगदारी मांगने के साथ ही इन दिनों दो नए गिरोहों के कारण भी जरायम जगत में सुर्खियों में हैं। कभी एक-दूसरे के साथ गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले राजकुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा और संतोष शुक्ला के बीच 10 लाख रुपये के विवाद ने लंबी दूरी बना दी है।

नतीजतन, सामान्य और पिछड़ा वर्ग की जाति के आधार पर गुड्डू मामा और संतोष शुक्ला ने अपना नया गिरोह तैयार किया है। जेल से मोबाइल के सहारे संचालित इन दोनों गिरोह की भनक लगते ही इनके सदस्यों की कुंडली खंगालने का काम क्राइम ब्रांच सहित अन्य एजेंसियों ने शुरू कर दिया है।
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भेलूपुर थाना अंतर्गत तुलसीपुर में तीन नवंबर 2015 की रात भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या की गई थी। मामले का खुलासा हुआ तो सामने आया कि संतोष शुक्ला और दीपक वर्मा ने साजिश रची थी।
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बदमाशों के नेटवर्क को किया जाएगा ध्वस्त

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पुलिस सूत्रों के अनुसार गुड्डू मामा और रईस बनारसी ने संतोष को वारदात को अंजाम देने में बैकअप दिया था। शिव सेठ की हत्या की सुपारी 20 लाख में तय हुई थी।

गुड्डू का आरोप है कि संतोष ने 10 लाख रुपया हड़प लिया और सभी देखते रह गए जबकि हमें मुकदमा अलग से झेलना पड़ रहा है। संतोष से खार खाए गुड्डू मामा का रईस बनारसी पहले से ही करीबी थी और उसने दीपक वर्मा को भी अपने पाले में खींच लिया।

इसके साथ ही हाल में गिरफ्तार हुए अशोक यादव और रामबाबू यादव के अलावा मिर्जापुर जेल में निरुद्ध आबिद को भी गुड्डू ने अपने गिरोह में शामिल कर लिया है। उधर, संतोष शुक्ला ने जिला जेल में ही निरुद्ध रोशन उर्फ किट्टू और मिर्जापुर जेल में बंद रिंकू के साथ नया गिरोह तैयार किया है।

इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि बदमाशों की गतिविधियों पर पुलिस की हमेशा निगाह रहती है। इसी वजह से लगातार इनामी बदमाश गिरफ्तार किए जा रहे हैं। बदमाशों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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