आईआईटी बीएचयू में स्टैंडर्डाइजेशन एंड क्वालिटी इकोसिस्टम कोर्स की शुरुआत की गई है। इस कोर्स के तहत कैंपस में छात्रों को गुणवत्ता वाले रिसर्च, नवाचार और एकेडमिक गतिविधियों के साथ ही इंडस्ट्रियल पढ़ाई की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोमवार को संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।
इस एमओयू के तहत आईआईटी बीएचयू में बीआईएस स्टूडेंट चैप्टर और सेंट्रल लाइब्रेरी में बीआईएस कॉर्नर भी बनाया गया है, जहां इससे जुड़ी गतिविधियों की अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। इस समझौते के तहत छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों को वर्कशॉप और कक्षाओं के जरिये मानकीकरण के प्रति जागरूक करना है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों का किया निरीक्षण
बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी (आईएएस) ने केंद्रीय उपकरण सुविधा, प्रिसीजन इंजीनियरिंग हब और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के लैब का निरीक्षण किया। यहां पर ड्रोन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर चल रहे शोध को समझा। इस दौरान विभागों की अन्य सुविधाओं का अवलोकन कर शिक्षकों और शोध छात्रों के साथ संवाद किया। बताया कि बीआईएस कॉर्नर को एक डेडिकेटेड रिसोर्स सेंटर के तौर पर स्थापित किया गया है। संवाद के दौरान महानिदेशक ने सहयोगात्मक शोध, इंटर्नशिप और राष्ट्रीय गुणवत्ता इकोसिस्टम को मजबूत करने में युवाओं को काम करने की तकनीक समझाई और साथ ही उनकी भूमिका भी तय की गई।
17 छात्रों को बीआईएस में स्टाइपेंड के साथ इंटर्नशिप
वर्ष 2024–2025 में बीआईएस की ओर से 17 छात्रों को स्टाइपेंड के साथ इंटर्नशिप का मौका दिया गया। बीआईएस चेयर और आईआईटी बीएचयू के बीच 20 अनुसंधान और विकास परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं। इनमें से चार को फंड मिला और एपीआई इंटीग्रेशन के माध्यम से बीआईएस की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
क्या कहते हैं प्रोफेसर
मानकीकरण और गुणवत्ता पर केंद्रित यह पहल छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मुकाबले तैयार कर देश की औद्योगिक प्रगति को तेज करेगी। भविष्य में बीआईएस के साथ कई सहयोगी कार्यक्रम भी होंगे। -प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी बीएचयू