अगर आप दांतों में दर्द से परेशान हैं तो सावधान हो जाएं। डाक्टरों के मुताबिक यह जानलेवा साबित हो सकता है । बीएचयू में चल रहे 21वीं इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसाइटी के सम्मेलन में आए एम्स के दंत चिकित्सा केंद्र के अध्यक्ष डॉ. ओपी खंडूजा का कहना है कि पायरिया में मुंह से निकलने वाला पस शरीर में जाता है।
यह हृदय रोग और ब्रेन हैमरेज के खतरे को बढ़ाता है। इससे पीड़ित गर्भवती मां से बच्चे को भी यह बीमारी हो सकती है। पायरिया से बचने के लिए जरूरी ये है कि भोजन से पहले हाथ धोएं। खाने के बाद कुल्ला करें। ब्रश जरूर करें।
बताया कि आज कल ‘अर्ली चाइल्डहुड कैरिएज (ईसीसी)’ की समस्या बच्चों में आ रही है और ये बोतल से दूध पिलाने से है। बच्चों को कभी बॉटल देकर छोड़ना या सुलाना नहीं चाहिए।
बताया कि मुंह में अगर एक हफ्ते से ज्यादा कोई अल्सर है और वो एक ही जगह है तो यह खतरे की घंटी है। इससे मुंह के कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
चंडीगढ़ से आए इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसाइटी के ईसी मेंबर डॉ. सरबजीत सिंह ने बताया कि अब स्टील की जगह सेरेमिक और ग्लास के ब्रेसेस आ रहे हैं। ऐसे भी ब्रेसेस हैं, जो कि दांतों के पीछे से लगाए जा रहे हैं।
एक नई तकनीक भी है, जिसे इंविजिलाइन कहते हैं। इसमें ग्लास के प्लेट होते हैं। तीसरे दिन सम्मेलन में आए विशेषज्ञों का स्वागत प्रो. टीपी चतुर्वेदी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजीत परिहार ने किया।